October 3, 2022
ताऊ देवीलाल
पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती पर 18 वर्ष बाद फतेहाबाद में इनेलो सम्मान दिवस रैली करने जा रही है। पिछली बार जब इनेलो की यह रैली फतेहाबाद में हुई थी तब इनेलो सत्ता में थी और ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। फतेहाबाद से विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी थीं।

पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की जयंती पर 18 वर्ष बाद फतेहाबाद में इनेलो सम्मान दिवस रैली करने जा रही है। पिछली बार जब इनेलो की यह रैली फतेहाबाद में हुई थी तब इनेलो सत्ता में थी और ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। फतेहाबाद से विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी थीं।

फतेहाबाद में होगी बड़ी रैली


इस रैली में भी नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू पहुंचे थे। यह उस समय तक की इनेलो की सबसे बड़ी रैली साबित हुई थी। रैली में उस समय पंजाबी सूफी गायक हंसराज हंस पहुंचे थे और खास बात यह है कि अब हंसराज हंस दिल्ली से भाजपा के सांसद हैं। सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि सरकार का बड़ा कार्यक्रम फतेहाबाद में हो रहा था और तब फतेहाबाद के अधिकतर इलाकों में कई घंटों तक बिजली गुल रही थी।

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इसके बाद 2005 में इनेलो सत्ता से बेदखल हो गई और फिर सत्ता की तलाश में इनेलो ने प्रदेशभर में हर वर्ष रैलियां की, लेकिन इनेलो फिर सरकार नहीं बना पाई। किसी समय में इनेलो का वर्चस्व वाला इलाका माने जाने वाले फतेहाबाद की अब पार्टी को याद आई है और 18 वर्ष बाद फतेहाबाद में यह प्रदेश स्तरीय सम्मान दिवस समारोह आयोजित होगा।
इनेलो द्वारा दावा किया जा रहा है कि रैली में 11 राज्यों के बड़े नेता पहुंचेंगे।

जिससे तीसरा मोर्चा बनाने की दोबारा से नींव रखी जाएगी। इनेलो हमेशा से इस तीसरे मोर्चे की बात करती आई है, लेकिन कभी भी तीसरा मोर्चा रैलियों से आगे बढ़ता हुआ नहीं दिखा। अब देखना होगा कि इस रैली से देश में तीसरा मोर्चा क्या आकार ले पाएगा।


इस रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री तेजेस्वी यादव, पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, महाराष्ट्र के बड़े नेता शरद पंवार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव, जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम फार्रुख अब्दुल्ला, सीताराम येचुरी, सांसद हनुमान बैनीवाल व मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक को निमंत्रण दिया गया है, इनमें से ज्यादातर नेता रैली में आएंगे। इनेलो नेताओं का कहना है कि पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी कार्यक्रम का निमंत्रण दिया है और उन्होंने हामी भरी है।


25 सितंबर को होने वाली सम्मान दिवस समारोह रैली को लेकर सिरसा रोड स्थित अनाज मंडी में चार मंच बनाए गए हैं। पहला मंच 100 फीट का होगा, जिस पर पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला और देशभर से आने वाले बड़े नेता उपस्थित होंगे, बाकी तीन मंच 50-50 फीट के बनाए गए हैं, जिन पर प्रदेश के नेता एवं कार्यकर्ता और इसके अलावा दो मंच मीडिया और कलाकारों के लिए बनाए गए हैं।


रैली में बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, तेजस्वी यादव एक साथ बिहार से एयरक्राफ्ट से सिरसा पहुंचेंगे, जहां से बाई रोड फतेहाबाद आएंगे। शरद पंवार दिल्ली से बाई रोड फतेहाबाद आएंगे। बाकी नेता भी बाई रोड या फिर हेलिकॉप्टर के जरिए ही आएंगे। इनेलो की ओर से सियासी दिग्गजों के हेलिकॉप्टर लैंडिंग के लिए फतेहाबाद जिला प्रशासन से अनुमति मांगी गई है।
2019 के आम चुनाव से पहले इनेलो काफी मजबूत स्थिति में थी।

भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदेश में बने माहौल को भुनाने के लिए इनेलो तत्पर थी। 2018 में इनेलो की यही सम्मान दिवस रैली गोहाना में हो रही थी। अचानक से मंच पर दुष्यंत चौटाला के पक्ष में युवाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और मंच पर अव्यवस्था का माहौल बना तो इसका स्पष्टीकरण दुष्यंत और दिग्विजय से इनेलो सुप्रीमो ने मांगा।


इसके बाद से पार्टी के साथ-साथ परिवार में भी फूट पड़ गई। दुष्यंत चौटाला ने अपनी अलग से जननायक जनता पार्टी बनाई और अगले ही साल हुए विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित रूप से 10 सीटें जीतकर सरकार में अपनी हिस्सेदारी बना ली। कहीं न कहीं जजपा आगे निकली और इनेलो प्रदेशभर में साफ होती चली गई।

किसान आंदोलन के बाद जजपा को नुकसान होना शुरू हुआ तो अब इनेलो इस नुकसान का फायदा उठा रही है और अपने क्षेत्र फतेहाबाद में फिर से पैर पसारने की जुगत में है।


इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद से विधायक अभय चौटाला ने कहा कि 25 सितंबर को होने वाली सम्मान दिवस रैली को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देशभर से नेता इस रैली में पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को भी इस रैली का निमंत्रण भेजा गया है, यदि वे नहीं आईं तो उनका बड़ा नेता रैली में पहुंचेगा।


उन्होंने कहा कि जजपा के कोई पदाधिकारी यदि रैली में आकर इनेलो में शामिल होना चाहे तो उनका स्वागत होगा, लेकिन जो जजपा के संस्थापक बने हुए हैं और ओमप्रकाश चौटाला की पीठ में छुर्रा घोंपा, उनके लिए मंच पर कोई जगह नहीं होगी।