September 27, 2022
PFI पर NIA कि बड़ी कार्रवाई
एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने गुरुवार को सुबह 12 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकवाद के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. एनआईए ने इसे ‘अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान’ करार दिया है.

NIA action on PFI: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ठिकानों पर छापेमारी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने एक हाई लेवल मीटिंग बैठक की, जिसमें छापेमारी और आतंकवाद के संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गई.

12 राज्यों में छापेमारी

Amit Shah held High Level Meeting: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ठिकानों छापेमारी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने गुरुवार को एक हाई लेवल मीटिंग बैठक की. बताया जा रहा है कि इस बैठक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े परिसरों में की जा रही छापेमारी और आतंकवाद के संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गई.

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अजित डोभाल समेत ये अधिकारी बैठक में हुए शामिल

अधिकारियों ने बताया कि अमित शाह (Amit Shah) के साथ हाई लेवल मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval), केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला (Ajay Bhalla), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के महानिदेशक दिनकर गुप्ता समेत शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.

अमित शाह ने PFI के खिलाफ एक्शन पर लिया जायजा

एक अधिकारी के मुताबिक, समझा जाता है कि अमित शाह (Amit Shah) ने आतंकवाद के संदिग्धों और पीएफआई के कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशभर में की गई कार्रवाई का जायजा लिया.

पीएफआई के खिलाफ NIA का सबसे बड़ा एक्शन

बता दें एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने गुरुवार को सुबह 12 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकवाद के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. एनआईए ने इसे ‘अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान’ करार दिया है.

पीएफआई से जुड़े लोगों पर टेरर फंडिंग और कैंप चलाने के मामले में ईडी और एनआईए ने राज्य पुलिस बलों की टीम के साथ यूपी, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु समेत 12 राज्यों में छापेमारी की है. ये छापेमारी आतंकी गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण शिविर चलाने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल व्यक्तियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों में की गईं.