October 4, 2022
पूर्णिया में जनभावना रैली को करेंगे संबोधित
अमित शाह की सीमांचल की यात्रा (Amit Shah Seemanchal Visit) काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिहार की सत्ता से बाहर होने के बाद किसी बीजेपी नेता की पहली यात्रा है. अपनी यात्रा से अमित शाह मुस्लिम बाहुल्य सीमांचल से 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद करेंगे.

Bihar Politics: अमित शाह (Amit Shah) सीमांचल दौरे के पहले दिन पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में दोपहर में विशाल जनभावना रैली को संबोधित करेंगे और दूसरे दिन किशनगंज जिले में भी रैली को संबोधित करेंगे.

2024 के लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद करेंगे

Amit Shah in Seemanchal: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) आज (23 सितंबर) दो दिनों के बिहार दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान अमित शाह बिहार के सीमांचल (Seemanchal) में रैली करेंगे और बीजेपी कोर कमेटी की बैठक लेंगे, जिसमें सीमांचल के नेता मौजूद रहेंगे. बिहार की सत्ता से हटने के बाद बीजेपी के किसी नेता की यह पहली रैली है और यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

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पूर्णिया में जनभावना रैली को करेंगे संबोधित

अमित शाह (Amit Shah) सीमांचल दौरे के पहले दिन पूर्णिया के रंगभूमि मैदान में दोपहर में विशाल जनभावना रैली को संबोधित करेंगे, जिसमें करीब डेढ़ से दो लाख कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है. इसके बाद शाम को बीजेपी कोर कमेटी की बैठक लेंगे. इसके बाद अमित शाह किशनगंज जिले का दौरा भी करेंगे और रैली को संबोधित करेंगे. इसके अलावा बूढ़ी काली मंदिर में दर्शन करेंगे और एसएसबी व बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे. अमित शाह अपनी दो दिनों की यात्रा के दौरान पूर्णिया में चार घंटे, जबकि किशनगंज में 26 घंटे बिताएंगे.

बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है अमित शाह की यात्रा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए अमित शाह की सीमांचल की यात्रा (Amit Shah Seemanchal Visit) काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बिहार की सत्ता से बाहर होने के बाद किसी बीजेपी नेता की पहली यात्रा है. अपनी यात्रा से अमित शाह मुस्लिम बाहुल्य सीमांचल से 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए शंखनाद करेंगे.

2019 के लोकसभा चुनाव में किशनगंज को छोड़कर पूरे सीमांचल में एनडीए को बड़ी जीत मिली थी, लेकिन इस बार भाजपा अकेले दम पर सीमांचल के मुस्लिम बहुल किशनगंज के अलावा पूर्णिया, कटिहार और अररिया में भी अपनी ताकत साबित करना चाहती है. जेडीयू से गठबंधन के कारण सीट बंटवारे की समस्या की वजह से भाजपा के कई नेता जो अलग-अलग समय पर पार्टी छोड़ कर जा चुके हैं, उन्हें भी इस यात्रा के दौरान फिर से भाजपा के साथ जोड़ने की कोशिश की जाएगी.

अमित शाह के इस दौरे से एक दिन पहले पीएफआई के खिलाफ देश भर में उठाए गए सख्त कदम का भी सकारात्मक असर इस दौरे के दौरान दिखाई दे सकता है. दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपने बल पर 35 प्लस सीट जीतने का लक्ष्य रखा है और अमित शाह के इस दौरे को लोकसभा चुनाव अभियान के श्रीगणेश यानी नीतीश-लालू महागठबंधन के खिलाफ शंखनाद के तौर पर भी देखा जा रहा है.

अमित शाह के दौरे पर लालू यादव का बयान

पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के बिहार के सीमांचल इलाके के आगामी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि लोगों को सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है. उन्होंने कहा, ‘भाजपा के नेता राज्य में विभिन्न समुदायों के लोगों को आपस में लड़ाने के लिए उकसाते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री के इस दौरे को लेकर नीतीश जी भी काफी सावधान हैं.’

नीतीश कुमार के साथ सोनिया गांधी से मिलेंगे लालू यादव

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने कहा कि वह 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख गैर-भाजपा दलों को एकजुट करने के प्रयास के तहत जल्द ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे.

लालू यादव (Lalu Yadav) ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोगों को परेशान करने वाले वास्तविक मुद्दों को छिपाने के लिए समाज में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना चाहती है. उन्होंने कहा, ‘मैं नीतीश कुमार जी के साथ दिल्ली में सोनिया (गांधी) जी से मिलूंगा. मैं राहुल गांधी की पदयात्रा पूरी होने के बाद उनसे भी मुलाकात करूंगा. अगले लोकसभा चुनाव में एकजुट विपक्ष भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगा.