वंदे भारत एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, आवारा जानवर से टकराने के बाद आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त

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वंदे भारत एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, आवारा जानवर से टकराने के बाद आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त

आधुनिक भारत की सबसे मॉडर्न और नई खूबियों से लैस मानी जाने वाली नई पीढ़ी की हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन गुरुवार को सुबह 11.18 मिनट पर एक हादसे का शिकार हो गई. दरअसल यह ट्रेन वटवा और मणिनगर स्टेशन के पास जानवरों के झुंड से टकरा गई. ये ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के लिए
 
वंदे भारत एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, आवारा जानवर से टकराने के बाद आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त

आधुनिक भारत की सबसे मॉडर्न और नई खूबियों से लैस मानी जाने वाली नई पीढ़ी की हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन गुरुवार को सुबह 11.18 मिनट पर एक हादसे का शिकार हो गई.

दरअसल यह ट्रेन वटवा और मणिनगर स्टेशन के पास जानवरों के झुंड से टकरा गई. ये ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के लिए आ रही थी. हादसे के दौरान वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन का फ्रंट का हिस्सा टूट गया.

20 मिनट तक रोकनी पड़ी थी ट्रेन

अहमदाबाद रेलवे PRO जीतेन्द्र जयंत के मुताबिक सुबह सवा 11 बजे के करीब ये हादसा हुआ. हादसे के बाद ट्रेन को 20 मिनट रोकना पड़ा. फिलहाल ट्रेन को ठीक करके रवाना कर दिया गया.

इस वंदे भारत ट्रेन को 30 सितंबर को हरी झंडी दिखाई गई थी. यह ट्रेन 180 से 200 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार पकड़ सकती है.

भारत की तीसरी वंदे भारत ट्रेन

यह देश में तीसरी वंदे भारत ट्रेन है. इससे पहले नई दिल्ली और वाराणसी तथा नई दिल्ली और माता वैष्णो देवी कटरा के बीच वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं. यह ट्रेन गांधीनगर से अहमदाबाद होते हुए मुंबई तक जाती है फिर वापस इसी रूट से होकर गांधीनगर वापस आती है.

वंदे भारत एक्सप्रेस हुई हादसे का शिकार, आवारा जानवर से टकराने के बाद आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त
हादसे के बाद ट्रेन को काफी देर तक रोके रखना पड़ा

400 और वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी

रेलवे बोर्ड देशभर में 400 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है. बता दें कि वंदे भारत ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और हर कोच में चार आपातकालीन पुश बटन हैं.

बता दें कि नई वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सितंबर को हरी झंडी दिखाई थी. उन्होंने गांधीनगर से लेकर अहमदाबाद तक इसमें यात्रा भी की थी. इस ट्रेन के हर कोच में बैक्टीरिया फ्री एयर कंडीशनिंग रहेगी. आपातकालीन स्थिति के लिए हर कोच में चार लाइट लगी हैं. वहीं, लोकोपायलट और यात्रियों के बीच कम्यूनिकेशन के लिए भी सुविधा है.

सरकार का ये है प्लान

केंद्र सरकार ने मराठवाड़ा रेल कोच फैक्ट्री में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के करीब 1600 डिब्बों का निर्माण करने का फैसला लिया है. इनमें से प्रत्येक डिब्बे पर आठ करोड़ से नौ करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसको लेकर फैक्ट्री में आवश्यक बदलाव होने शुरू हो गए हैं.

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