October 4, 2022
अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन लंबे समय से भारत में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.

जॉनसन बेबी पाउडर ((Johnson’s Baby Powder) बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन प्राइवेट लिमिटेड (Johnson & Johnson) को बड़ा झटका लगा है. महाराष्ट्र सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने जॉनसन बेबी पाउडर बनाने का लाइसेंस रद्द कर दिया है. FDA ने मुंबई और मुलुंड में जॉनसन्स बेबी पाउडर के मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस को कैंसिल किया है. कंपनी अब महाराष्ट्र में टैल्क बेस्ड बेबी पाउडर की मैन्यूफैक्चरिंग और बिक्री नहीं कर पाएगी. पाउडर के सैंपल स्टैंडर्ड क्वालिटी पर खरे नहीं उतरे हैं. जॉनसन बेबी पाउडर के सैंपल मुलुंड, मुंबई, पुणे और नासिक से लिए गए थे.

जारी किया गया बताओ नोटिस

एफडीए ने जारी एक प्रेस नोट में कहा कि जॉनसन बेबी पाउडर के इस्तेमाल से नवजात शिशुओं की त्वचा को नुसान पहुंच सकता है. FDA ने कंपनी से जॉनसन बेबी पाउडर के स्टॉक को वापस लेने के लिए भी कहा है. एफडीए के अनुसार, प्रशासन ने ड्रग एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट, 1940 के तहत फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इसमें पूछा गया है कि लाइसेंस के निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?

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कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि जॉनसन एंड जॉनसन दुनिया भर के हेल्थ विशेषज्ञों के साइंटफिक विश्लेषण के पीछे मजबूती से खड़ा है. उनका विश्लेषण इस बात की पुष्टि करता है कि टैल्क-आधारित जॉनसन का बेबी पाउडर सुरक्षित है. कंपनी ने कहा कि बेबी पाउडर में एस्बेस्टस नहीं है और इससे कैंसर नहीं होता है.

भारत में है बड़ी डिमांड

अमेरिकी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन लंबे समय से भारत में बेबी पाउडर बेच रही है. कंपनी का जॉनसन बेबी पाउडर भारतीय मार्केट में काफी पॉपुलर है. ज्यादातर घरों में छोटे बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर इस पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. भारत में कंपनी बेबी पाउडर के अलावा बेबी शैम्पू, बेबी सोप और बेबी ऑयल भी बेचती है और उनकी बड़ी डिमांड है.

परीक्षण फेल हुआ सैंपल

FDA के अनुसार, जॉनसन बेबी पाउडर के सैंपल लैब में परीक्षण के दौरान मानक पीएच वैल्यू के मुताबिक नहीं थे. प्रेस नोट में कहा गया है कि कार्रवाई कोलकाता स्थित केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला की निर्णायक रिपोर्ट के बाद की गई थी. उस रिपोर्ट में पता चला था कि जॉनसन बेबी पाउडर का पीएच वैल्यू तय स्टैंडर्ड के अनुरूप नहीं है

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पहले भी लग चुके हैं आरोप

ये पहली बार नहीं है जब जॉनसन बेबी पाउडर के इस्तेमाल से कैंसर होने के आरोप लगे हैं. कंपनी ने इस आरोप के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी है. इस वजह के कंपनी प्रोडक्ट के डिमांड में भी गिरावट आई थी. जॉनसन एंड जॉनसन ने पिछले महीने कहा था कि वो 2023 से टैल्कम पाउडर का प्रोडक्शन बंद कर देगी. कंपनी को टेल्कम पाउडर प्रोडक्ट की वजह से कई मुकदमें झेलने पड़े हैं.