October 4, 2022
नामीबिया से 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा
कूनो नेशनल पार्क भारत के मध्य प्रदेश में स्थित एक नेशनल पार्क है. साल 1981 में इसका निर्माण किया गया था. यह नेशनल पार्क 750 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. साल 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था. कूनो नेशनल पार्क में तीन प्रवेश द्वार हैं.

17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा. कूनो नेशनल पार्क भारत के मध्य प्रदेश में स्थित एक नेशनल पार्क है. साल 1981 में इसका निर्माण किया गया था. यह नेशनल पार्क 750 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. साल 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था. कूनो नेशनल पार्क में तीन प्रवेश द्वार हैं.

भारत में 17 सितंबर को नामीबिया से 8 चीते भारत लाए जाएंगे. इन सभी चीतों को स्पेशल चार्टर फ्लाइट के जरिए पहले ग्वालियर लाया जाएगा जिसके बाद इन्हें हेलिकॉप्टर के जरिए मध्य प्रदेश स्थित कूनो नेशनल पार्क में लाया जाएगा. नामीबिया से चीतों को ला रहा यह चार्टर प्लेन 16 सितंबर की रात को रवाना होगा. कूनो नेशनल पार्क में इन चीजों के लिए खास बाड़े तैयार किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सिंबतर को अपने जन्मदिन के दिन इन सभी चीतों को उनके खास बाड़े में छोड़ेंगे.

यहां काम करने वाले लोगों ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में इन चीतों के आने से उम्मीद जताई जा रही है कि इन चीजों के देखने के लिए भारत समेत दुनियाभर से लोग आएंगे जिससे यहां टूरिज्म में भी काफी बढ़ोतरी होगी. टूरिज्म बढ़ने से यहां रहने वाले लोकल लोगों के लिए नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे.

यहां काम करने वाले लोगों ने बताया कि दो एकड़ की जमीन पर यहां एक रिजॉर्ट बनाया जा रहा है. जिसमें 14 कमरे, एक स्वीमिंग पूल, एक रेस्त्रां और टूरिस्ट के लिए और भी कई तरह की चीजों का निर्माण किया जाएगा. तो आइए जानते हैं नामीबियन चीतों के नए घर कूनो नेशनल पार्क के बारे में कुछ खास बातें.

कूनो नेशनल पार्क

कूनो नेशनल पार्क भारत के मध्य प्रदेश में स्थित एक नेशनल पार्क है. साल 1981 में इसका निर्माण किया गया था. यह नेशनल पार्क 750 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है. वाइल्ड लाइफ लवर्स के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां पर घास के विशाल मैदान हैं जो कान्हा या बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से भी बड़े हैं. साल 2018 में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था.

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मध्य प्रदेश का कूनो राष्ट्रीय उद्यान सभी वन्यजीव प्रेमियों के लिए सबसे खास जगह है. इस पार्क के अंदर प्रवेश करते ही आपको यहां करधई, खैर और सलाई के पेड़ नजर आएंगे साथ ही यहां आपको घास के विशाल मैदान और कई तरह के वन्य जीव देखने को मिलेगें. यहां के कुछ घास के मैदान कान्हा या बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सबसे बड़े हैं.

माना जाता है कि यहां स्थित करधई पेड़ों के पत्ते मौसम में ह्ययूमिडिटी के चलते मॉनसून आने से पहले ही अपने आप ही हरे हो जाते हैं. इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के बीचोबीच कूनो नाम की एक नदी बहती है जिससे ना सिर्फ इस जगह में पानी की आपूर्ति बनी रहती है. साथ ही जंगल के अंदर सिंचाई करने में भी काफी मदद मिलती है. यहां पर वन्यजीवों और पेड़-पौधों की अलग-अलग प्रजाति पाई जाती है.

कूनो नेशनल पार्क जाने का सही समय

कूनो नेशनल

कूनो नेशनल पार्क में तीन प्रवेश द्वार हैं. लेकिन सबसे पसंदीदा है टिकटोली गेट. यहां, पालपुर किले के बगल में स्थित खूबसूरत कैंपसाइट में रह सकते हैं, जहां से कूनो नदी दिखाई देती है. यह पार्क का सबसे सुंदर हिस्सा है, और बारिश के मौसम में,यहां से बादलों को देखा जा सकता है. कूनो नेशनल पार्क की यात्रा का सबसे अच्छा समय अगस्त से मार्च तक है, इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है और घास के मैदान हरे-भरे होते हैं.

कूनो नेशनल पार्क में है फूलों और जीवों की इतनी तरह की प्रजातियां

कूनो नेशनल पार्क में फूलों और जीवों की कई प्रजातियां है. इस नेशनल पार्क में पेड़ों की कुल 123 प्रजातियां, झाड़ियों की कुल 71 प्रजातियां, climbers & exotic species की कुल 32 प्रजातियां, घास और बांस की कुल 34 प्रजातियां, स्तनधारियों की कुल 33 प्रजातियां, पक्षियों की कुल 206 प्रजातियां, मछलियों की कुल 14 प्रजातियां, रेपटाइल्स की कुल 33 प्रजातियां, और उभयचरों की कुल 10 प्रजातियां हैं. फूलों और जीवों दोनों प्रजातियों की इतनी बड़ी संख्या इस क्षेत्र को जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक बनाती है.

कूनो नेशनल पार्क में पाए जाने वाले जीवों की प्रजातियां

चित्तीदार हिरण या चीतल (Axis axis)
सांभर (Cervus unicolor)
बार्किंग हिरण या काकड़ (Muntiacus muntjak)
चौसिंघा या चौसिंगा(Tetracerus quadricornis)
नीलगाय या नीला बैल (Boselaphus tragocamel
भारतीय गज़ेल या चिंकारा (Gazella gazel
काला हिरण (Antilope cervicapra
गौड़ या भारतीय बाइसन (Bos gaurus)
तेंदुआ (Panthera pardus)
जंगली कुत्ता या ढोले (Cuonal pinus)
धारीदार लकड़बग्घा (Hyaena hyaena)
भारतीय भेड़िया (Canis lupus)
सियार (Canis aureus)
जंगली सूअर (Sus scrofa)
भालू (Melursus ursinus)
लोमड़ी (Vulpes bengalensis)
जंगली बिल्ली (Felius chaus)
डेजर्ट कैट (Felin sylvestris)
आम पाम सीविट (Paradoxurus hermaphroditus)
छोटा भारतीय कस्तूरी बिलाव (Viverricula indica)
ग्रे नेवला (Herpestes edwardsii)
छोटा भारतीय नेवला (Herpestes javanicus)
रूडी नेवला (Herpestes smithii)
भारतीय खरगोश (Lepus nigricollis)
भारतीय सेही (Hystrix indica)
गर्बिल (Tatera indica)
इंडियन ट्री श्रू (Tupaia belangeri)
लंगूर/आम लंगूर (Presbytis entellus)
रीसस बंदर(Macaque mulata)

कैसे पहुंचे कूनो नेशनल पार्क

कूनो नेशनल पार्क में आने के लिए आप ग्वालियर के लिए फ्लाइट ले सकते हैं. इस नेशनल पार्क के तीन प्रवेश द्वारों टिकटोली, अहेरा, पीपल बावड़ी आने के लिए ग्वालियर सबसे निकटतम हवाई अड्डा है. ग्वालियर, कोटा और जयपुर शहरों में हवाई अड्डे हैं जिनमें से जयपुर में भारत के विभिन्न हिस्सों के लिए फ्लाइट कनेक्टिविटी काफी अच्छी है. इसी तरह ग्वालियर, सवाई माधोपुर, कोटा, जयपुर और झांसी निकटतम रेलवे स्टेशन हैं जहां से आपको कूनो नेशनल पार्क के लिए आसानी से ट्रेन मिल जाएगी.

कूनो नेशनल पार्क में स्टे

कूनो नेशनल पार्क मैनेजमेंट के 4 रेस्ट हाउस हैं जहां आप आराम से स्टे कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको यहां एडवांस बुकिंग की जरूरत होती है. आप कूनो नेशनल पार्क के ऑफिस में फोन करके यहां रेस्ट हाउस बुक करा सकते हैं. अगर यहां बुकिंग फुल रहती है तो कूनो नेशनल पार्क के पास ही मध्य प्रदेश टूरिज्म का रिजॉर्ट है जहां आप आसानी से अपने लिए कमरा बुक कर सकते हैं.