September 27, 2022
Myanmar Job Scam
थाईलैंड में नौकरी का वादा करके लोगों को ठगने वाला एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट चल रहा है. इस रैकेट ने 60 से अधिक भारतीय लोगों को ठगा है. पहले इन लोगों को अवैध रूप से म्यांमार लाया गया था. बाद में इन्हें न काम मिला और न ही वो लोग जिन्होंने इनसे ठगी की थी

Thailand: गिरोह पहले थाईलैंड की अलग-अलग कंपनियों के लिए आईटी जॉब का ऑफर देता है. इसके बाद वह सीधे-सादे भारतीय लोगों को कॉलिंग का काम कहकर अवैध रूप से म्यांमार पहुंचाता है. वहां जाकर इन्हें ठगी का पता चलता है. ऐसे कई लोगों को निकाला जा चुका है, जबकि अन्य को आज निकाला जाएगा.

ठगी के शिकार

Job Scam in Myanmar : अगर आप विदेशों में जॉब का सपना देख रहे हैं और विदेशों में जॉब लगवाने को लेकर किसी की भी बात का भरोसा कर लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसे अंत तक जरूर पढ़ें. इससे आप ठगी के शिकार होने से बचेंगे. दरअसल, विदेश मंत्रालय (MEA) के सूत्रों का कहना है

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कि थाईलैंड में नौकरी का वादा करके लोगों को ठगने वाला एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट चल रहा है. इस रैकेट ने 60 से अधिक भारतीय लोगों को ठगा है. पहले इन लोगों को अवैध रूप से म्यांमार लाया गया था. बाद में इन्हें न काम मिला और न ही वो लोग जिन्होंने इनसे ठगी की थी. इसके बाद इन फंसे भारतीयों ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया. भारतीय दूतावास ने म्यांमार सरकार की मदद से फंसे हुए लोगों को निकालना शुरू कर दिया है.

ठगी के पीछे अंतरराष्ट्रीय रैकेट का हाथ

रिपोर्ट के मुताबिक, थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर भारतीय नागरिकों का शोषण और उनसे ठगी करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट है. यह लोगों को पहले अपने झांसे में फंसाता है और फिर उन्हें अवैध रूप से म्यांमार में लाया जाता है. अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरोह अब तक इस तरह से 60 से अधिक इंडियन को ठग चुका है.

60 में से 30 भारतीय को किया गया रेस्क्यू

PTI समाचार एजेंसी की एक पूर्व रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय दूतावास ने म्यावाडी क्षेत्र में फंसे 60 में से 30 से अधिक भारतीयों को रेस्क्यू कर लिया है. भारतीय दूतावास उनके बचाव के लिए म्यांमार सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है. बता दें कि म्यावाड़ी क्षेत्र विशेष रूप से पूरी तरह से म्यांमार सरकार के नियंत्रण में नहीं है. इसलिए थोड़ी देरी हो रही है.

5 जुलाई भारतीय दूतावास ने जारी की थी एडवाइजरी

5 जुलाई 2022 को म्यांमार के यांगून में भारतीय दूतावास ने एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि म्यांमार के सुदूर पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित डिजिटल स्कैमिंग/फोर्ज क्रिप्टो गतिविधियों में शामिल कुछ आईटी कंपनियां भारतीय कर्मचारियों की भर्ती कर रही हैं. आईटी क्षेत्र में संभावित रोजगार के अवसरों के बहाने ये लोग अपने फर्जी भर्ती एजेंटों के माध्यम से विभिन्न स्थानों से लोगों को बाहर जॉब का झांसा देकर अपने साथ जोड़ती हैं.

खतरे के प्रति आगाह करते हुए भारतीय दूतावास ने लिखा है कि भारतीय नागरिकों से अनुरोध किया जाता है कि वे उचित सावधानी बरतें और भर्ती एजेंटों को वेरिफाई जरूर करें. नौकरी के लिए ऐसे लोगों के साथ कोई लेन-देन न करें. अगर कर भी रहे हैं तो उससे पहले सभी आवश्यक जानकारी (नौकरी की डिटेल्स, कंपनी की डिटेल्स, लोकेशन, एंप्लॉइमेंट कॉन्ट्रैक्ट) आदि जरूर चेक करें. बता दें कि भारत म्यांमार भारत के रणनीतिक पड़ोसियों में से एक है. वह नागालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है.