September 27, 2022

No-Poaching Deal: देश के दिग्गज बिजनेस मैन और कट्टर प्रतिद्वंदी गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के बीच बड़ी डील हुई है. गौतम अडानी (Gautam Adani) के नेतृत्व वाले अडानी समूह (Adani Group) और मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कथित तौर पर एक दूसरे के कर्मचारियों को काम पर नहीं रखने का समझौता किया है.

जानिए क्या हुई डील?

हमारी सहयोगी वेबसाइट डीएनए हिंदी की खबर के अनुसार, दोनों ही कंपनियों के बीच नो-पोचिंग पैक्ट (No-Poaching Pact) इस साल मई से लागू हो गया है और यह उनकी सभी ग्रुप कंपनियों पर लागू होगा. हालांकि अडानी समूह और रिलायंस इंडस्ट्रीज दोनों ने न तो कोई टिप्पणी की है और न ही रिपोर्ट द्वारा किए गए दावों की पुष्टि की है.

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क्या है यह सिस्टम?

दरअसल, ये सिस्टम नया नहीं है, यह पहले से चलता आ रहा है. एक ग्लोबल एग्जिक्यूटिव सर्च के एक सीनियर प्रोफेशनल जो दोनों समूहों के साथ काम करते हैं ने बताया कि ये समझौते हमेशा मौजूद रहे हैं और वे प्रकृति में अनौपचारिक हैं. इस नियम के लागू होने के बाद यहां से दोनों समूह एक-दूसरे टैलेंट को हायर नहीं कर सकते हैं. दोनों समूहों की सभी क्षेत्रों में उपस्थिति भी है और वे कुछ उद्योगों में प्रतिद्वंद्वी भी हैं.

इन कारोबार में देते हैं एक दुसरे को टक्कर

दोनों ही कंपनियों में कट्टर प्रतिद्वन्द देखने को मिलता है. अडानी समूह बिजली, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा क्षेत्रों में एक मजी हुई कंपनी है और हाल ही में पेट्रोकेमिकल्स सेगमेंट में काम शुरू किया है, जहां रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से टॉप प्लेयर है. टेलीकॉम में भी दोनों कंपनियां एक-दूसरे के करीब आ गई हैं. इतना ही नहीं, हाल ही में संपन्न हुई 5जी नीलामी में, रिलायंस जियो इंफोकॉम, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर, सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में सामने आया है और इसमें पहली बार भाग लेने वाले अडानी ग्रुप ने 212 करोड़ रुपये में 400 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा. यानी दोनों हर कदम पर एक दुसरे को मात देने में जुटे हैं.

No-Poaching Deal: बिजनेस के कट्टर प्रतिद्वंदी Gautam Adani और Mukesh Ambani के बीच बड़ी डील! कर्मचारियों पर पड़ेगा असर

अडानी ग्रुप कई क्षेत्र में आ रहा आगे

अंतिम कुछ सालों में अडानी ग्रुप ने जबरदस्त छलांग लगाई है. अडानी ग्रुप और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने हाल ही में अपने रिटेल कारोबार को बढ़ाने के लिए बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप की खाद्य उत्पाद कंपनी, अडानी विल्मर लिमिटेड ने अपने फूड ऑपरेशन को बढ़ावा देने के लिए अधिग्रहण लक्ष्यों के लिए अपने आईपीओ से ​​5 अरब रुपये तय किए हैं. इधर रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी उपभोक्ता वस्तुओं का व्यवसाय शुरू करने की अपनी योजना की घोषणा कर दी है. यानी दोनों ही कंपनी लगातार हर क्षेत्र में एक दुसरे को चुनौती दे रहे हैं.