September 27, 2022
डॉक्टरों ने मरीज के पेट से निकाली 55 बैटरियां
अस्पताल में भर्ती कराने के बाद आयरलैंड के डबलिन में सेंट विंसेंट अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके पेट और कोलन से बैटरी निकाल दी. महिला ने एडमिड होने के कुछ समय बाद भी पांच एए बैटरी भी खा ली थीं,

Woman Ate 55 Batteries: महिला ने एडमिड होने के कुछ समय बाद भी पांच एए बैटरी भी खा ली थीं, जिससे जानबूझ कर खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए निगली गई बैटरियों की कुल संख्या 55 हो गई.

डॉक्टरों ने मरीज के पेट से निकाली 55 बैटरियां

Doctors Remove 55 Batteries From Woman’s Gut: एक 66 वर्षीय महिला ने जानबूझकर खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए 50 से अधिक बैटरियों को निगल लिया. उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बाद आयरलैंड के डबलिन में सेंट विंसेंट अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके पेट और कोलन से बैटरी निकाल दी. महिला ने एडमिड होने के कुछ समय बाद भी पांच एए बैटरी भी खा ली थीं,

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जिससे जानबूझ कर खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए निगली गई बैटरियों की कुल संख्या 55 हो गई. डॉक्टरों को लगता है कि यह एक रिकॉर्ड है. आयरिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित मामले की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुरू में महिला ने बिना गिने ही बेलनाकार बैटरी खा लिया, जिसके बाद सेंट विंसेंट यूनिवर्सिटी अस्पताल में उसका इलाज किया गया.

डॉक्टरों ने मरीज के पेट से निकाली 55 बैटरियां

डॉक्टरों ने शुरू में सोचा था कि मरीज स्वाभाविक रूप से अपने शरीर के माध्यम से बैटरियों को पार कर जाएगा, लेकिन बाद के स्कैन से पता चला कि अधिकांश अभी भी उसके पेट में मौजूद हैं, जो उसकी हालत खराब कर रहे हैं. उसने पहले सप्ताह में केवल पांच एए बैटरी को खाया था.

चूंकि बैटरियां बहुत भारी थीं, पेट जघन की हड्डी पर लटक गया, जिसे सर्जरी करके से हटाना पड़ा. सर्जनों ने उसके पेट के माध्यम से एक छोटा सा छेद किया और 46 बैटरियों को निकाल दिया. पेट से एए और एएए दोनों तरह की बैटरी निकाली गई.

ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने कहा कुछ ऐसा

लाइव साइंस के अनुसार, कोलन में फंसी शेष चार बैटरियों की अलग तरह से सर्जरी की गई और किसी भी तरीके से उन्हें भी बाहर निकाल लिया गया. डॉक्टरों ने कहा, ‘हमारी जानकारी में यह मामला शायद पहला मामला है, जब किसी के शरीर से इतनी सारी बैटरियों को निकाला गया.’ सौभाग्य से उसके शरीर को कोई संरचनात्मक क्षति नहीं हुई क्योंकि इन विद्युत रासायनिक उपकरणों ने उसके जठरांत्र (जीआई) पथ को अवरुद्ध नहीं किया.